Monday, February 20, 2012

नापसन्दी का विकल्प



नापसन्दी का विकल्प

सत्यनिष्ठ और इमानदार विधायक कैसे चुने? सभी प्रत्याशी एक से बढ़कर एक हैं। यही सोच कर कम मतदान होता रहा। मेरे साथी बोले- सत्यनिष्ठ और इमानदार उम्मीदवार खड़ा तो किया जाये, विकल्प तो है नहीं, खाम-खाह मुर्ख बना रहे हो -सत्यनिष्ठ और इमानदार विधायक चुनो। मैंने कहा - विकल्प है, नापसन्दी का वोट। यह क्या वाला है? तो सुनो- आप वोट डालने बूथ पर पहुचें पीठासीन अधिकारी से नियम ४९ ओ के अंतर्गत फॉर्म १७ ऐ मांगें और उसपर नापसन्दी का वोट दें। है न विकल्प, यदि बहुतायत -नापसन्दी के वोट पड़े तो चुनाव निरस्त हो जाएगा। एसी स्थिति में सत्यनिष्ठ और इमानदार उमीदवारों को टिकट देना पार्टियो की मजबूरी हो जायेगी। निर्वाचन आयोग २०१४ के चुनाव में वोटिंग मशीन में ही -नापसन्दीके वोट का अतिरिक्त बटन की व्यवस्था कर सकता है। है न राईट टू रिजेक्ट,नापसन्दी का वोट।

Saturday, February 18, 2012

मित्रवर! इटावा , इष्ट साध्य है। ढेरों आख्यान हैं। सदाचारी सत्ता की पहल भी हमें करनी होगी, ३ दिन शेष हैं मतदान के। हम आप लोगों लो समझाएं,

Thursday, February 9, 2012

टीम अन्ना का दौरा निरस्त

मतदाता जागरूकता अभियान के तहत १५ फरवरी को इटावा में टीम अन्ना की रैली होनी थी जिसकी घोषणा स्वयं इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह आज़ाद ने इटावा स्थित देवराज भवन में प्रेस वार्ता के दौरान की थी। इसके बाद इंडिया अगेंस्ट करप्शन के इटावा प्रभारी शास्त्री देवेश ने २५ सदस्यीय आयोजन समिति बनाकर कार्य योजना का विभाजन करने हेतु बैठक बुलाई तो कुछ अराजक तत्वों ने कब्ज़ा जमा लिया और प्रभारी शब्द को लेकर हंगामा काटा, डॉ आशीष कुमार ने कहा - इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रदेश प्रभारी संजय भी फर्जी हैं , यदि रैली में अरविन्द केजरीवाल या किरण वेदी आदि किसी ने भी देवेश को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का प्रभारी संबोधित किया तो वे लोग अलग लाउडस्पीकर लगाकर व पर्चे बाँट कर विरोध करेंगे। अंततः शास्त्री ने इस आयोजन से किनारा करने की घोषणा की और पूर्व प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह चौहान के ऊपर सारा दारोमदार सौप दिया। साथ ही गणेश ज्ञानार्थी से किसी तरह का समझ्हौता करने से भी इनकार किया। ये सारा बाकया मीडिया में गया आन्दोलन नेतृत्व ने ३ दिन गहनता से परामर्श किया, और आज ९-२-१२ को यह कहते हुए इटावा रैली निरस्त कर दी कि शास्त्री जी को तनाव मुक्त रखने के लिए जरूर है इटावा में रैली न हो । ज्ञात हो कि २१-९-११ को संजय सिंह के साथ मैनपुरी जाकर जनमत संग्रह का सुभारम्भ कराकर शास्त्री ने k k इंटर कालेज में बैठक कराइ थी। बैठक में शराबी, मदकची व अपराधियो की गतिविधि पर संजय ने कहा था ऐसे लोगो को कोर कमिटी से हटा दो। अगले ही दिन २२-९-११ को दुर्घट में शास्त्री घायल हो गया १५ दिन ICU में रहा। ब्रेन इन्ज़र्ड शास्त्री की बजह से अरविन्द कजरी बल का पिछला कर्यक्रम निरस्त हो गया था । ३ बार संजय सिंह ने इटावा आकर देख लिया अब शास्त्री स्वस्थ हैं तो १५ फरवरी का कार्यक्रम तय हुआ , दुर्भाग्य ही कहेंगे कि टीम अन्ना इटावा आते आते रह गयी। दूसरी ओर गणेश ज्ञानार्थी ने पोल-खोल आन्दोलन का ऐलान किया । इंडिया अगेंस्ट करप्शन के इटावा प्रभारी शास्त्री देवेश ने पोल-खोल आन्दोलन की घोषणा के लिए ज्ञानार्थी को धन्यवाद देते हुए स्वयं अपनी सच्चाई उजागर की ।

सन्मार्ग

बड़ी कठिन है डगर पनघट की